Farooq Abdullah: जम्मू कश्मीर में हालिया आतंकी घटनाओं को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया है। फारूक अब्दुल्ला ने ताजा बडगाम आतंकी हमले की जांच की मांग की है और कहा कि उन्हें संदेह है कि ये उन लोगों की तरफ से किया गया है जो जम्मू-कश्मीर में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने एजेंसियों की तरफ इशारा किया है।
बडगाम हमले पर फारूक अब्दुल्ला ने एएनआई से कहा, ‘इसकी जांच होनी चाहिए। ऐसा कैसे हुआ कि सरकार आ गई और ये सब हो रहा है? मुझे संदेह है कि यs उन लोगों की तरफ से किया गया है जो सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे थे। अगर वे (आतंकवादी) पकड़े जाते हैं तो हमें पता चल जाएगा कि ये कौन कर रहा है। उन्हें (आतंकियों) नहीं मारा जाना चाहिए, उन्हें पकड़ा जाना चाहिए और पूछा जाना चाहिए कि उनके पीछे कौन है।’ इसी दौरान फारूक ने कहा कि ‘हमें जांच करनी चाहिए कि क्या कोई एजेंसी है जो उमर अब्दुल्ला को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है।’
बडगाम में दो मजदूरों पर हमला आतंकी हमला
आतंकियों ने शुक्रवार को बडगाम जिले के मागम इलाके के मजहामा में दो गैर स्थानीय लोगों पर फायरिंग की। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने हमलावरों को पकड़ने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दोनों घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। दोनों व्यक्ति उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले बताए जाते हैं।
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पिछले 15 दिन में कई आतंकी घटनाएं
16 अक्टूबर को भी शोपियां में एक गैर-स्थानीय युवक को आतंकियों ने मार दिया था। 20 अक्टूबर को गांदरबल में श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे पर टनल प्रोजेक्ट के काम में लगे लोगों पर आतंकियों ने हमला किया था। इसमें एक डॉक्टर और 6 मजदूरों की मौत हुई थी।
हालांकि आतंकियों से निपटने में भारतीय सेना लगी हुई है। 29 अक्टूबर को सुरक्षा बलों ने सेना के काफिले पर हमले के बाद जम्मू और कश्मीर के अखनूर में एक बड़ी मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों को मार गिराया। 2 नवंबर यानी आज जम्मू कश्मीर के अनंतनाग और श्रीनगर के खानयार इलाके में आतंकियों पर सुरक्षाबलों ने प्रहार किया है। अनंतनाग मुठभेड़ में हलकान गली के जंगलों में 2 आतंकवादी मारे गए हैं। श्रीनगर के खानयार इलाके में मुठभेड़ जारी है, जहां CRPF का एक जवान घायल हो गया है।
फारूक की टिप्पणी पर बयानबाजी शुरू
फिलहाल फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी पर बयानबाजी शुरू हो गई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं – ‘कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी उपराज्यपाल के पास है और अगर वहां आतंकी हमले हो रहे हैं तो बीजेपी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मैं कह रहा हूं कि पाकिस्तान से आतंकी आ रहे हैं, आप उन्हें क्यों नहीं रोक रहे हैं? मोदी सरकार क्या कर रही है? उन्हें रोकना, उन्हें गिरफ्तार करना सरकार की जिम्मेदारी है। ये नरेंद्र मोदी सरकार की नाकामी है कि वो आतंकियों को रोक नहीं पा रहे हैं।’
इधर, बीजेपी ने फारूक अब्दुल्ला के आरोपों को गलत ठहराया है। बीजेपी नेता कविंदर गुप्ता कहते हैं- ‘एक जिम्मेदार व्यक्ति (फारूक अब्दुल्ला) को इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। एजेंसियों के काम के कारण जम्मू-कश्मीर में शांति व्यवस्था बनी हुई है। सरकार है और सरकार का पूरा समर्थन है। किसी ने ये नहीं कहा कि उमर अब्दुल्ला की सरकार को अस्थिर किया जा रहा है। कई बार ऐसी कोशिशें बाहरी ताकतों की तरफ से की जाती हैं। सुरक्षाबलों के कारण ही शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम हो रहा है। ये बिल्कुल गलत बयानबाजी है। उन्हें (फारूक अब्दुल्ला) इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना बातें नहीं करनी चाहिए।’
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रविंदर रैना कहते हैं- ‘फारुक अब्दुल्ला इस बात को जानते हैं कि ये आतंकवाद पाकिस्तान से आ रहा है, ये जगजाहिर बात है। इसमें किस बात की छानबीन करनी है? वो खुद जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर में जो आतंकवादी हमले हो रहे हैं, इसमें पाकिस्तान और आतंकी संगठन शामिल हैं। हम सबको मिलकर हमारी सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों का साथ देना चाहिए। जो इंसानियत के दुश्मन हैं, उनके खिलाफ एकजुट होकर हमें जंग लड़नी होगी। फारुक अब्दुल्ला को सीधा-सीधा कहना पड़ेगा कि इसमें (बडगाम हमले में) पाकिस्तान शामिल है।’
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