(खबरें अब आसान भाषा में)
अभी के लिए अनिश्चितता ही मुख्य बात है। कंपनियां बिजनेस से जुड़े फैसले लेने से पहले फॉलो-अप अनाउंसमेंट्स का इंतजार कर रही हैं। कंपनियां यह भी ट्रैक कर रही हैं कि यूरोप में टैरिफ कैसे लागू होंगे। अमेरिका में बदलते पॉलिसी रुख से क्लैरिटी की कमी और बढ़ गई है