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शौकत मोल्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरे इलाके के कई वोटर ऐसे हैं जिनके माता-पिता का रिकॉर्ड 2002 से मौजूद है। सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए गए, सुनवाई भी हुई, इसके बावजूद हजारों नाम लिस्ट से बाहर कर दिए गए। पिछले तीन दिनों में ही करीब 33 हजार नाम हटाए गए हैं