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भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने घोषणा की है कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली 200 से अधिक याचिकाओं पर 5 मई से अंतिम सुनवाई शुरू करेगा। ये मामले 2019 और 2020 से लंबित हैं और इनमें भारतीय मुस्लिम संघ द्वारा दायर की गई प्रमुख याचिका भी शामिल है