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एशिया और प्रशान्त में सतत विकास लक्ष्यों पर प्रगति की अगर मौजूदा गति ही जारी रही, तो वर्ष 2030 तक 88 प्रतिशत लक्ष्यों की प्राप्ति नहीं हो सकेगी. एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि यह क्षेत्र, टिकाऊ विकास के मापने योग्य 117 में से 103 लक्ष्यों को हासिल करने से पीछे रह जाएगा.