(खबरें अब आसान भाषा में)
ग़ाज़ा पट्टी में ‘ज़मान एफ़एम’ रेडियो स्टेशन की क्षतिग्रस्त इमारत के भीतर प्रसारक रामी अल-शराफ़ी अपने लैपटॉप पर काम कर रहे हैं. इसराइली सैन्य बलों और हमास के बीच दो वर्षों तक जारी रहे युद्ध और उससे हुई तबाही के बीच यह प्रसारण एक अप्रत्याशित लेकिन उम्मीद भरी वापसी का संकेत है.