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किताब के प्रकाशन के लिए जरूरी अनुमति अभी तक नहीं दी गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मामले की पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी नाम से तैयार की गई एक टाइपसेट किताब का पीडीएफ वर्जन कुछ वेबसाइटों पर उपलब्ध था