(खबरें अब आसान भाषा में)
अभी शेयर बायबैक प्रोग्राम में पार्टिसिपेट करने वाले रिटेल इनवेस्टर्स को जो पैसे मिलते हैं, उसे डिविडेंड इनकम माना जाता है। इस पर इनवेस्टर के टैक्स-स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। इससे रिटेल इनवेस्टर्स को शेयर बायबैक में पार्टिसिपेट करने पर काफी टैक्स चुकाना पड़ता है