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एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टमेंट के ट्राइमफ्रेम के हिसाब से निवेश की स्ट्रेटेजी बदल जाती है। अलग-अलग टाइमफ्रेम के लिए निवेश के इंस्ट्रूमेंट्स या ऑप्शंस अलग-अलग होते हैं। इसलिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेशक कितने समय के लिए निवेश करना चाहता है