(खबरें अब आसान भाषा में)
भारत का जोर शुरू से ही एग्री और डेयरी प्रोडेक्ट्स को ट्रेड डील के दायरे से बाहर रखने पर रहा है। इंग्लैंड, यूरोपीय यूनियन सहित दूसरे देशों के साथ ट्रेड डील में भी भारत ने इन दोनों सेक्टर को एग्रीमेंट से बाहर रखने की कोशिश की थी