30 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता (Menstrual Health and Hygiene) का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग है। साथ ही, यह अनुच्छेद 21A के त