(खबरें अब आसान भाषा में)
कई दशकों तक बारामती का नाम पवार परिवार से जुड़ा रहा। 1967 से यह सीट परिवार के पास रही- पहले शरद पवार और फिर 1991 के बाद अजित पवार के पास। अजित पवार ने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी और 1999 में NCP बनने के बाद वे उस पार्टी में शामिल हुए