भारत और 27 देशों वाले यूरोपीय संघ को मिलाकर दुनिया की करीब 25% अर्थव्यवस्था और लगभग दो अरब लोगों का बाजार बनता है। भारत और EU के बीच सामानों का व्यापार पहले ही 136 अरब डॉलर से ज्यादा का हो चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया समझौता व्यापार को और बढ़ाएगा, लागत घटाएगा और भारत को एक मजबूत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब बनाएगा