जेलेंस्की ने यूरोप को सख्त चेतावनी दी और कहा कि हर साल बड़े वैश्विक खतरों को पहचानने के बावजूद उन पर सही तरीके से कार्रवाई नहीं की जाती। दावोस में अपने स्पीच में जेलेंस्की ने कहा, “पिछले साल भी मैंने यहीं कहा था कि यूरोप को खुद की रक्षा करना आना चाहिए। एक साल बीत गया, लेकिन कुछ भी नहीं बदला। आज भी मुझे वही बात दोहरानी पड़ रही है