दरअसल केंद्र सरकार के भीतर यह सोच मजबूत हो गई है कि जो निवेश रोजगार पैदा करता है और देश में प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाता है, उसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। हालांकि टेलीकॉम, रक्षा और रणनीतिक ढांचे जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अभी भी सख्ती बनी रहेगी। आसान शब्दों में कहें, तो सुरक्षा भी और निवेश भी, इसी मूल मंत्र के साथ इस विचार पर आगे बढ़ा जा सकता है