वैश्विक स्तर पर, जहाँ मृत्युदंड का उन्मूलन करने की दिशा में क़दम बढ़ाए जा रहे हैं, 2025 में इन प्रयासों को एक बड़ा झटका लगा है. यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने आगाह किया है कि पिछले वर्ष, मौत की सज़ा के मामलों में उछाल दर्ज किया गया और यह वृद्धि उन गिने-चुने देशों में ये सज़ाएँ दिए जाने की वजह से है, जहाँ अब भी मृत्युदंड पर रोक नहीं है.