अभी नई रीजीम में टैक्सपेयर्स सिर्फ स्टैंडर्ड डिडक्शन और एनपीएस में एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन पर डिडक्शन क्लेम कर सकते है। एचआरए, टर्म लाइफ इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस पर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत इसमें नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ जरूरी डिडक्शन की इजाजत देने से नई रीजीम का अट्रैक्शन और बढ़ जाएगा