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नई आयकर व्यवस्था ने मिडिल क्लास के लिए टैक्स में काफी कमी की है और उनके हाथ में खपत, बचत और निवेश के लिए अधिक पैसा छोड़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़ा है