(खबरें अब आसान भाषा में)
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने चिन्ता जताई है कि श्रीलंका में हिंसक टकराव के दौरान यौन हिंसा के जिन मामलों को अंजाम दिया गया था, उनसे अब भी पूरी तरह से निपटा नहीं जा सका है, और लम्बा समय बीत जाने के बावजूद पुरुष व महिला भुक्तभोगियों के लिए न्याय को नकारा जा रहा है.