(खबरें अब आसान भाषा में)
NSIL के जरिए होने वाले वाणिज्यिक राइडशेयर लॉन्च अब भरोसे की कमी से जूझ रहे हैं। इसका असर भारत के निजी अंतरिक्ष सेक्टर के विकास पर पड़ रहा है। यह दोहरा झटका ISRO के 2026 के बड़े लक्ष्यों के लिए चुनौती बन गया है