पिता ने बताया कि उत्पीड़न और धमकियों के कारण उनकी बेटी बेहद डरी हुई और मानसिक रूप से परेशान हो गई, जिसके चलते उसकी सेहत में गंभीर गिरावट आई। उसकी हालत बिगड़ने पर शुरू में हिमाचल प्रदेश के कई अस्पतालों में उसका इलाज किया गया। बाद में उसे लुधियाना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 26 दिसंबर, 2025 को इलाज के दौरान उसका निधन हो गया