(खबरें अब आसान भाषा में)
2026 ऐसा साल होगा, जब जीडीपी की स्ट्रॉन्ग ग्रोथ के साथ इनफ्लेशन काबू में होगा। यह सपोर्टिव मॉनेटरी पॉलिसी के लिए अनुकूल स्थिति है। इनफ्लेशन कंट्रोल में होने से आरबीआई के पास इंटरेस्ट रेट घटाने और लिक्विडिटी बढ़ाने के मौके हैं। घरेलू निवेशक अब एक बड़ी ताकत के रूप में सामने आए हैं