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इस मामले में 60 साल की मां ने खाड़ी में नौकरी करने वाले अपने बेटे से हर महीने 25,000 रुपये की मांग को लेकर फैमिली कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने कोर्ट को बताया था कि उनकी कोई रेगुलर इनकम नहीं है। वह जरूरी खर्च के लिए दूसरों पर निर्भर हैं