आशंका जताई जा रही है कि इन बच्चों को जनवरी से मई के बीच दूषित खून चढ़ाया गया, जिसके कारण उन्हें HIV संक्रमण हुआ। मामले की जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग ने पूरी प्रक्रिया की जांच के आदेश दे दिए हैं। सतना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को बार-बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत होती है