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बैंकों ने 2019 में होम लोन सहित फ्लोटिंग-रेट रिटेल लोन को एक एक्सटर्नल बेंचमार्क से लिंक्ड किया था। ज्यादातर बैंकों ने रेपो रेट को अपना एक्सटर्नल बेंचमार्क बनाया था। इस वजह से रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर होम लोन सहित दूसरे लोन के इंटरेस्ट रेट्स पर पड़ता है