(खबरें अब आसान भाषा में)
हर वर्ष, प्राकृतिक प्रकियाओं के माध्यम से, विश्व भर में नदियाँ, झीलें और भूगर्भ भंडार फिर से जल से समृद्ध हो जाते हैं. मगर, पिछले एक दशक में, बढ़ती मांग के बीच ताज़े जल की उपलब्धता में कमी आने का रुझान जारी है, और पहले से ही क़िल्लत से जूझ रहे संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है.