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सरकार ने कहा कि प्री-इंस्टॉलेशन का आदेश इसी प्रक्रिया को तेज करने के लिए था। यह फैसला दो दिनों के विरोध के बाद लिया गया। विपक्षी नेता और नागरिक कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि यह आदेश निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है और ऐप से लोगों की जासूसी हो सकती है