हिंसक टकराव और युद्ध के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली बारूदी सुरंगों या विस्फोटक अवशेषों की चपेट में आकर हताहत होने वाले लोगों की संख्या, पिछले चार वर्षों में अपने सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गई है. संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण शोध संस्थान (UNIDIR) और बारूदी सुरंगों पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए अन्तरराष्ट्रीय अभियान (ICBL) की एक रिपोर्ट, ‘लैंडमाइन मॉनीटर 2025’ में यह जानकारी सामने आई है.