भारत में एचआईवी की चुनौती अब भी बहुत बड़ी है. एचआईवी के साथ जी रहे लोगों की संख्या का लगभग 26 लाख के बताई जाती है. इनमें 15 वर्ष से अधिक उम्र की लगभग 11 लाख महिलाएँ भी हैं. पूजा मिश्रा भी एचआईवी के साथ जी रही एक महिला हैं, जिनकी यात्रा पीड़ा और निराशा के साथ शुरू हुई थी, लेकिन आज उसी रास्ते ने, उन्हें उम्मीद की डोर थामने और समुदायों को प्रेरित करने तक पहुँचा दिया है.