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इस डील के बाद प्रमोटर पर 90 दिनों का लॉक-इन पीरियड लागू होगा। इस दौरान वे अपने और शेयर नहीं बेच सकेंगे। सितंबर तिमाही में व्हर्लपूल का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 20.6 फीसदी गिरकर 41 करोड़ रुपये रह गया