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मीटिंग के मिनट्स से पता चला कि 44-दिन के फेडरल गवर्नमेंट शटडाउन के दौरान सरकारी डेटा की कमी के कारण फैसला लेना मुश्किल हो गया था। रुकावट के दौरान लेबर मार्केट, महंगाई और कई दूसरे मेट्रिक्स पर रिपोर्ट न तो बनाई गईं और न ही जारी की गईं