मर्जर के पहले दौर में छोटे और कमजोर बैंकों का बड़े बैंकों में विलय हुआ था। लेकिन अब, छोटे बैंक धीरे-धीरे मजबूत हैं। उदाहरण के तौर पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसे छोटे बैंकों ने पिछले 5 सालों में लगभग 200% की ग्रोथ की है। ऐसे में यह चिंता उठ रही हैं कि कहीं इन बैंकों का मर्जर ऐसे बैंकों में न कर दिया जाएगा, जिनकी ग्रोथ उनके मुकाबले धीमी है