(खबरें अब आसान भाषा में)
14 नवंबर को यह साफ हो गया कि मतदाता एक बार फिर बिहार में एनडीए की सरकार चाहते हैं। मतदाताओं पर सत्ता विरोधी लहर का असर नहीं दिखा। यह गौरतलब है कि बीच के कुछ समय को छोड़ दिया जाए तो नीतीश कुमार 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री हैं