अब मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के स्टॉक ब्रोकर्स से जुड़े कई इनेवस्टर्स को भी प्रॉप-ट्रेडिंग में बड़ा नुकसान होने का पता चला है। किसी तरह का एग्रीमेंट, KYC और पेपर ट्रेल नहीं होता है। ब्रोकिंग फर्म्स और ट्रेडर्स के बीच आपसी भरोसे से यह ट्रेड होता है। तब तक कोई दिक्कत नहीं आती है जब तक ट्रेडर्स को प्रॉफिट होता है