(खबरें अब आसान भाषा में)
दुनिया भर में पत्रकार वैसे तो हर दिन तथ्यों व सच्चाई को सामने लाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं, मगर फिर भी उनके स्वयं के विरुद्ध होने वाले अधिकतर हमलों में, कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं होती और किसी को कोई दंड नहीं मिलता.