संयुक्त राष्ट्र के युवा मामलों के सहायक महासचिव डॉक्टर फ़ेलिपे पाउलियर ने अपनी भारत यात्रा के दौरान, देशभर के युवा परिवर्तनकारियों से मुलाक़ात की. उन्होंने समावेशी शिक्षा, जलवायु, शरणार्थी नेतृत्व, विकलांग अधिकार, LGBTQI+ गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य पर उनकी बातें सुनीं. सन्देश स्पष्ट था – संस्थाएँ युवाओं पर भरोसा करें, उन्हें निर्णय-प्रक्रिया और नेतृत्व में वास्तविक जगह दें.