(खबरें अब आसान भाषा में)
लोन धारक की मृत्यु के बाद लोन चुकाने की जिम्मेदारी कानूनी वारिसों, सह-आवेदक या गारंटर पर निर्भर होती है। अनसिक्योर्ड लोन की स्थिति में परिवार की व्यक्तिगत संपत्ति तक जिम्मेदारी सीमित रहती है और बैंक अक्सर बकाया को बट्टे खाते में डाल देता है।