डॉक्टरों ने बताया कि छोटी उम्र में फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं होते, इसलिए प्रदूषित हवा का असर बच्चों पर जल्दी और ज्यादा पड़ता है। जब हवा खराब रहती है, तो छोटी बीमारियां भी लंबे समय तक रहती हैं और दवाइयां भी असर नहीं दिखातीं। अगर इसी तरह बच्चों का बार-बार प्रदूषण से संपर्क रहता है, तो अस्थमा और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं