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Ahoi Ashtami 2025: अहोई अष्टमी का व्रत माताएं अपनी संतान की दीर्घायु के लिए करती हैं। इसमें माताएं निरजल उपवास करती हैं और शाम को तारों के दर्शन करने के बाद व्रत का पारण करती हैं। जानिए इस व्रत की विधि, समय और गुरु-पुष्य योग के खास कनेक्शन के बारे में