Delhi Ashram: छात्र के अनुसार, इलाके के लोग भी जानते थे कि चैतन्यनंद छात्रों को परेशान करता है। लेकिन माता-पिता को इसकी भनक तक नहीं थी। उन्हें लगता था कि कोई बाबा संस्थान चला रहा है, तो वहां बच्चों को पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार भी मिलेंगे। इसी सोच के कारण कई परिवारों ने अपने बच्चों को वहां दाखिला दिलाया