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कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पारेख ने अपनी 4 महीने की विदेश यात्रा के बारे में पूरी जानकारी दिए बगैर इसकी इजाजत मांगी थी। इससे पहले विदेश यात्रा की इजाजत मिलने पर पारेख ने उसका दुरूपयोग किया। उन्होंने सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शंस किए जो गैर-कानूनी थे