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ये बात है उन प्राचीन घाटियों की, जहाँ हिम तेन्दुए विचरण करते हैं और बौद्ध भिक्षुओं की हज़ारों वर्षों पुरानी ज्ञान-परम्परा अब भी जीवित है, भारत के एक ऐसे ही बेहद कठिन वन्य परिदृश्य को, अब यूनेस्को से वैश्विक मान्यता मिली है.