अधिकारियों का कहना है कि पहले भी जम्मू-कश्मीर और पंजाब में ऐसा देखा गया है कि अगर बड़े नेताओं या कट्टरपंथियों को स्थानीय जेल में रखा जाता है तो वे वहीं से प्रभाव डालते रहते हैं और लोगों को भड़काते हैं। इसलिए ऐसे लोगों को राजस्थान, मध्य प्रदेश या दिल्ली की जेलों में शिफ्ट किया जाता है ताकि उनका लोकल सपोर्ट सिस्टम टूटे और सुरक्षा पर सीधा नियंत्रण बना रहे