भारतीय टेक इंडस्ट्री में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के एक फैसले से कोहराम मच गया है। ट्रंप ने एच-1बी वीजा (H-1B Visa) की फीस $1 लाख यानी ₹88 लाख की तो अमेरिका में लिस्टेड इंफोसिस (Infosys), विप्रो (Wipro), कॉग्निजेंट (Cognizant), और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर 5% तक टूट गए। जानिए इस मामले को लेकर भारत का क्या रिस्पांस है और इसे मौके के तौर पर क्यों देखा जा रहा है?