नीरज चोपड़ा एक अनुभवी एथलीट हैं और टोक्यो में भी कुछ अलग होने की उम्मीद नहीं है. 84.50 मीटर का थ्रो सीधे क्वालीफिकेशन सुनिश्चित करेगा और वह इसे पहली बार में ही पूरा करके आगे बढ़ना चाहेंगे. यह उन्हें ठीक चार साल पहले टोक्यो ओलंपिक में किए गए उनके प्रदर्शन की याद दिलाएगा. 86.5 मीटर का थ्रो और दुनिया ने नीरज चोपड़ा पर ध्यान दिया था. फिर उन्होंने फाइनल में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया था. इस शहर से जुड़ी यादें हमेशा ताज़ा रहेंगी और कई बार ऐसी चीज़ें मददगार साबित होती हैं. यह आपको सुकून का एहसास कराता है और उस दिन आप कैसा महसूस करते हैं, इस पर भी असर डालता है.