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कुत्तों को शुरुआती 10 दिन की हिरासत के बाद रिहा करने से पहले उनके शरीर में माइक्रोचिप लगाई जाएगी, ताकि उनके व्यवहार पर निगरानी रखी जा सके। एबीसी सेंटर में उन्हें एंटी-रेबीज टीके लगाए जाएंगे और उनके स्वास्थ्य व गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें वीडियो रिकॉर्डिंग भी शामिल होगी