(खबरें अब आसान भाषा में)
इशाक डार की बातों से यह साफ होता है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की थी। और इस बात को भी अब जोर मिलता है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीजफायर का फैसला भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच सीधी बातचीत से ही लिया गया था