महिलाएँ, दुनिया की आधी आबादी हैं, इसलिए समाज की आधी सम्भावनाएँ भी उन्हीं में निहित हैं. फिर भी, हर जगह लैंगिक असमानता मौजूद है, जो सामाजिक प्रगति को रोकती है. महिलाओं के लिए समानता और उनका सशक्तिकरण केवल 17 सतत विकास लक्ष्यों में से एक नहीं है, बल्कि समावेशी और टिकाऊ विकास के सभी आयामों के लिए भी आवश्यक है. सभी सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) का सफल होना, लक्ष्य 5 की प्राप्ति पर निर्भर करता है.