(खबरें अब आसान भाषा में)
EU सूत्रों ने बताया कि टैरिफ और सैंक्शन दोनों अलग-अलग चीजें है। टैरिफ लगाने से पहले एक लंबी कानूनी जांच करनी पड़ती है, जिसमें महीनों का समय लगता है। सूत्रों के अनुसार, अभी तक भारत या चीन पर संभावित टैरिफ को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है