मार्जिन फंडिंग के रास्ते रिटेल इनवेस्टर्स का निवेश काफी बढ़ा है। सीएनबीसी की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन इनवेस्टर्स के लिवरेज्ड इनवेस्टमेंट का अमाउंट बढ़कर करीब एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह अमाउंट पिछले पांच सालों में 13 गुना हो गया है। 2020 के अंत में ब्रोकरेज फर्मों की मार्जिन फंडिंग बुक सिर्फ 7,500 करोड़ रुपये की थी